| बाइनरी (बेस 2) | बाइनरी बेस-2 है: हर अंक (बिट) 0 या 1 होता है। यही वह तरीका है जिससे कंप्यूटर हार्डवेयर स्तर पर सारा डेटा स्टोर और प्रोसेस करते हैं। |
| ऑक्टल (बेस 8) | ऑक्टल बेस-8 है, जिसमें अंक 0–7 इस्तेमाल होते हैं। हर ऑक्टल अंक ठीक तीन बिट के बराबर होता है, इसीलिए यह Unix फ़ाइल-परमिशन मोड जैसे 755 में दिखता है। |
| डेसिमल (बेस 10) | डेसिमल बेस-10 है, रोज़मर्रा की गिनती वाला सिस्टम जिसमें अंक 0–9 होते हैं। |
| हेक्साडेसिमल (बेस 16) | हेक्साडेसिमल बेस-16 है, जिसमें 0–9 फिर A–F इस्तेमाल होते हैं। हर हेक्स अंक ठीक चार बिट का होता है, इसलिए यह बाइट लिखने का संक्षिप्त तरीका है — रंगों (#FF8800), मेमोरी एड्रेस और MAC एड्रेस के लिए इस्तेमाल होता है। |